किसी मशहूर शायर के शायरी की तरह हो तुम
गमो को मुस्कान के पीछे छिपाना सिख गए
तकरार भी उसी से और इकरार भी उसी से
दिल की कही करते हैं तो दिल राजी क्यों नहीं
हर रोज तेरे सामने बैठ तुझे निहारते हैं
तेरे साथ जिंदगी के सफ़र का गुजारा हो जाए
इश्क़ के मीनार का एक किस्सा बड़ा मशहूर हैं